Hindi News on Facebook Top Story on Facebook

2016 के लिए क्यों अहम होगा फेसबुक

आशुतोष सिन्हा टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट पिछले साल दो साल में स्मार्टफोन काफी स्मार्ट हो गए हैं. जिन टेलीकॉम नेटवर्क से स्मार्टफोन कनेक्टेड रहते हैं वो आपके बारे में बहुत कुछ जानते हैं. वो ये जानते हैं कि आप कौन से वेबसाइट पर जाते हैं, कौन से ऐप इस्तेमाल करना पसंद करते हैं और आपके दोस्त कौन-कौन हैं. इसीलिए आपके स्मार्टफोन पर जिस ऐप को जगह मिल जाती है वो कंपनी आपके लिए बहुत बड़ा ब्रांड बन सकती है. ऐसी दुनिया में आपकी ऑनलाइन ज़िंदगी में बदलाव लाने में गूगल के अलावा अगर किसी कंपनी पर 2016 में सबकी नज़र रहेगी तो वो है फेसबुक. दुनिया की सबसे बड़ी सोशल नेटवर्किंग कंपनी ने अब कुछ ऐसा ही दर्जा हासिल कर लिया है.
इसीलिए फेसबुक के दूसरे प्रोडक्ट पर लोगों की नज़र होगी. अपने सोशल नेटवर्किंग साइट के अलावा, फेसबुक फोटो शेयरिंग प्लेटफार्म इंस्टाग्राम चलाता है. 2015 अप्रैल में उसने फेसबुक मैसेंजर को लोगों को अलग से डाउनलोड करने की छूट दे दी. व्हाट्सऐप दुनिया के दूसरे किसी भी मैसेजिंग सर्विस से बड़ा है. वर्चुअल रियलिटी कंपनी ऑक्युलस रिफ्ट 2016 में गेमिंग और वीडियो के क्षेत्र में बड़ा नाम बनकर उभर सकती है. इसीलिए दुनिया भर के यूजर्स तक फेसबुक अपने नए प्रोडक्ट कैसे पहुंचाता है ये सब जानना चाहेंगे. करीब 100 करोड़ लोग दुनिया भर में अब व्हाट्सऐप इस्तेमाल करते हैं. स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वालों की दुनिया में फेसबुक सबसे पसंद किए जाने वाले ब्रांड में से एक है.!

किसी भी मैसेजिंग ऐप के मुकाबले ये सबसे ज़्यादा लोग इस्तेमाल करते हैं. लोगों ने एसएमएस का इस्तेमाल अब बहुत कम कर दिया है क्योंकि व्हाट्सऐप पर मैसेज हमेशा के लिए सेव कर सकते हैं. अप्रैल 2015 में व्हाट्सऐप ने कॉलिंग की सुविधा लोगों को देनी शुरू की. अब लोग सिर्फ मैसेज नहीं, अपने किसी भी दोस्त को व्हाट्सऐप पर फ्री कॉल भी कर सकते थे. 2016 में उम्मीद की जा रही है कि वीडियो कॉलिंग की सुविधा शुरू की जाएगी. गूगल हैंगआउट, वाइबर और स्काइप जैसी कुछ सर्विस हैं जिनपर आप अभी भी वीडियो कॉल कर सकते हैं. लेकिन व्हाट्सऐप की पहुंच ऐसी हो गई है कि इसके आने से सब कुछ आपके कॉलिंग और मैसेजिंग के लिए बदल सकता है. इसीलिए व्हाट्सऐप वीडियो कॉलिंग का इंतज़ार सभी यूजर्स को हो सकता है. टेलीकॉम कंपनियों के लिए ये बुरी ख़बर हो सकती है क्योंकि उनके वॉइस कॉलिंग से हो रही कमाई पर सीधा असर पड़ सकता है. टेलीकॉम कंपनियां अब मांग कर रही हैं कि व्हाट्सऐप, वाइबर, स्काइप और दूसरी ऐसी सर्विस को भी लाइसेंस लेना पड़े. हालांकि, नियामक टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (ट्राइ) ने अभी तक इस पर अंतिम फैसला नहीं लिया है. लेकिन सिर्फ यही कारण नहीं है जिसके कारण फेसबुक पर लोगों की नज़र रहेगी. जैसे-जैसे वर्चुअल रियलिटी लोगों की ज़िंदगी का हिस्सा बन रही है, फेसबुक की कंपनी ऑक्युलस रिफ्ट वीडियो गेमिंग के बाजार में अपनी पहुंच को मज़बूत करने की कोशिश करेगी. सोनी के प्लेस्टेशन, माइक्रोसॉफ्ट का होलोलेंस, सैमसंग का वीआर और एचटीसी का वाइव कुछ ऐसे प्रोडक्ट हैं जिनसे ऑक्युलस रिफ्ट को टक्कर लेनी होगी. ऑनलाइन गेमिंग का बाज़ार अब बहुत बढ़ गया है और प्लेस्टेशन, निंतेंदो और माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियां वर्चुअल रियलिटी गेमिंग के प्रोडक्ट पर अपना ध्यान दे रही हैं. पोर्नोग्राफी का बाज़ार भी वर्चुअल रियलिटी दिखाने वाले प्रोडक्ट का बेसब्री से इंतज़ार कर रहा है. उसे उम्मीद है कि उनके वीडियो के लिए अब नया बाज़ार खुल जाएगा अगर लोग पोर्नोग्राफी को वर्चुअल रियलिटी हेडसेट पर देखने लगेंगे. फेसबुक अपने मैसेंजर के ज़रिए मनी ट्रांसफर के बाज़ार में भी अपने पांव फैलाने की कोशिश कर रहा है. अगर मैसेंजर की मदद से फेसबुक मनी ट्रांसफर बाज़ार में अपनी पैठ बनाने में सफल हो जाता है तो ये बहुत बड़ा बाज़ार है और उसकी टक्कर वहां मोबाइल फ़ोन कंपनियों से होगी जो अपने ग्राहकों के बैंक अकाउंट के बारे में जानते हैं क्योंकि बैंक अकाउंट से जुडी जानकारी लोगों के फ़ोन पर आती है.